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देश में कोरोना के कम प्रभावित इलाकों को शायद 3 मई को लॉकडाउन से राहत मिल जाए. पर ‘जब तक ग्रीन जोन में न बदल जाएं रेड जोन, तब तक लॉकडाउन से राहत नहीं’

Mithlesh Kumar: कोरोना वायरस के कारण देशभर में लॉकडाउन को आज पूरा एक महीना हो गया है. देश में कोरोना के कम प्रभावित इलाकों को शायद 3 मई को लॉकडाउन से राहत मिल जाए. दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन और मेदांता अस्पताल के सीएमडी डॉक्टर नरेश त्रेहन ने विस्तार से जानकारी दी.
सत्येंद्र जैन ने कहा कि शुक्रवार रात दिल्ली के कई इलाकों में दुकानों को मंजूरी दे दी गई है. हालांकि ज्यादा प्रभावित इलाकों में दुकानों को अभी भी बंद रखा जाएगा. केंद्र सरकार द्वारा जारी निर्देशों के तहत देशभर में सिर्फ उन्हीं जगहों पर दुकानें खुलेंगी जहां कोरोना का प्रभाव ज्यादा नहीं है.

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा कि दिल्ली में 3 मई के बाद लॉकडाउन खत्म होगा या नहीं. इस पर इतनी जल्दी फैसला लेना सही नहीं होगा. लॉकडाउन को बढ़ाने या खत्म करने पर फैसला 8-9 दिन पहले लेने की बजाए 1-2 दिन पहले लेना ज्यादा बेहतर होगा. शुरुआत में कोरोना के मामले एक दिन में डबल हो रहे थे. लॉकडाउन के बाद मामले 6-7 दिन में डबल होने लगे. मौजूदा स्थिति में कोरोना के मामले 13 दिन में डबल हो रहे हैं.
डॉ. नरेश त्रेहन ने इस विषय में जानकारी देते हुए बताया कि लॉकडाउन की वजह से भारत बड़े खतरे का शिकार होने से बचा है. दूसरा, सरकार जिन हॉटस्पॉट इलाकों में लॉकडाउन बढ़ाने के बारे में सोच रही है, वो बिल्कुल सही है. कोरोना की चेन तोड़ने का यही एक जरिया है.
मेदांता हॉस्पिटल के डॉ. त्रेहान ने कहा कि अगर लॉकडाउन नहीं होता तो हमारी मुसीबत बहुत बढ़ जाती. लॉकडाउन का एक फायदा ये हुआ कि चेन टूट रही है. आप अगर उन देशों से तुलना करेंगे जहां लॉकडाउन लागू नहीं किया गया तो वहां बहुत तेजी से संक्रमण फैला. दूसरा फायदा ये है कि कोरोना वायरस के हॉटस्पॉट की पहचान कर ली गई है. अब सरकार उन हॉटस्पॉट को नहीं खोलेगी, जब तक उसमें ड्रॉप नहीं होगा. लॉकडाउन को हटाने से पहले हमें हॉटस्पॉट, ग्रीन जोन और येलो जोन को अलग करना होगा.
डॉ. त्रेहान ने बताया कि लॉकडाउन को एक साथ ना हटाकर कई चरणों में हटाना चाहिए. अगर हम फार्मिंग सेक्टर को खोलने का फैसला करते हैं तो उसकी पूरी चेन को ध्यान में रखना चाहिए, जैसे- कटाई से लेकर मंडी तक सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का अमल हो पा रहा है या नहीं. अगर हम सोशल डिस्टेंसिंग और बाकी नियमों का अमल सुनिश्चित कर पाते हैं तो हम धीरे-धीरे बाकी सेक्टरों को भी खोल सकते हैं.
हालांकि डॉ. त्रेहन ने यह भी कहा कि 3 मई के बाद कुछ इलाकों में धीरे-धीरे लॉकडाउन हटाना भी जरूरी है. मिसाल के तौर पर यदि आप 10 प्रतिशत हिस्सों में लॉकडाउन खत्म करते हैं तो उससे आपको पब्लिक का बिहेवियर पैटर्न पता लग जाएगा. इसके बाद आप तय कर सकते हैं कि आपको बाकी हिस्सों में भी लॉकडाउन खोलना चाहिए या नहीं.

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